मगर उन नाज़ुक मुस्कानों ने सब दर्द छुपा रखा है…
चुप चाप गुज़ार देंगे तेरे बिन भी ये जिंदगी,
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह इश्क करते है।
दरख़्त-ए-नीम हु मै मेरे नाम से घबराहट हो गई,
जो बात बात पर कहते है तुम्हे छोड़ेंगे नहीं…!
आँसू बता देते हैं कि दर्द कितना गहरा है,
क्योंकि फूलो पर कभी इत्र नही लगाया जाता…!
वहम से भी खत्म हो जाते हैं अक्सर रिश्ते,
दूर रहकर भी वो दिल जलाने से बाज़ नहीं आते,
कमसे कम मेरे मरने का इंतजार तो किया होता…!
दिल टूटने पर वो बातें लिखी जाती हैं जो अंदर का सारा दर्द शब्दों में उतार दें।
दिल तोड़ने वालों को सज़ा क्यों नहीं मिलती?
अजीब मुक़ाम से गुजरा है Sad Shayari in Hindi क़ाफ़िला ज़िंदगी का ,